शाह रुख के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा फेक न्यूज, फैंस ने दिया करारा जवाब

Spread the love
  • 825
    Shares

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले से देश गुस्से में है. 14 फरवरी को हुए इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए, जबकि पांच से ज्यादा जवान घायल हो गए. आज पुलवामा एनकाउंटर में भी एक मेजर समेत पांच जवान शहीद हो गए. घाटी में पिछले पांच दिनों से काफी तनाव बना हुआ है और देश भर में इन आतंकी हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस माहौल में कुछ अराजक तत्व कई लोगों के खिलाफ फेक न्यूज फैला रहे हैं, जिससे और भी ज्यादा तनाव की स्थिति पैदा हो रही है. ताजा मामला हिंदी फिल्मों के अभिनेता शाह रुख खान से जुड़ा है.

शाह रुख खान के खिलाफ फैलाया जा रहा है फेक न्यूज
सोशल मीडिया पर शाह रुख खान के खिलाफ एक फेक न्यूज बहुत तेजी से फैलाया जा रहा है. इस फेक न्यूज में दावा किया जा रहा है कि शाह रुख खान को भारत से ज्यादा पाकिस्तान से प्रेम है और वो भारत के लिए कभी कुछ नहीं करते. इस फेक न्यूज में बताया जा रहा है कि शाह रुख ने पाकिस्तान को टैंकर हादसे के बाद 45 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की थी (बता दें कि पाकिस्तान में हुए एक टैंकर हादसे में करीब 200 लोगों की जान चली गई थी.). हमने इस दावे की पड़ताल की.

फर्जी है दावा
पड़ताल में पता चला कि शाह रुख खान ने पाकिस्तान को इस तरह की कोई मदद नहीं की है. ऐसा पहली बार नहीं है, जब इस अभिनेता के खिलाफ इस तरह की फेक न्यूज फैलाई जा रही है. इससे पहले भी जब-जब पाकिस्तान के खिलाफ देश गुस्से में होता है तो कुछ अराजक लोग इस तरह की फर्जी बातें उनके खिलाफ करते हैं. ये फर्जी बातें सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से फैलती हैं क्योंकि यहां लोग बिना सोचे-समझे कुछ भी शेयर कर देते हैं. अभी हाल में ही एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि भारत दुनिया में फेक न्यूज शेयर करने के मामले में सबसे आगे है.

देश की पहचान हैं शाह रुख
अब दूसरे फेक न्यूज पर आते हैं कि हिंदी फिल्मों का सबसे बड़ा सुपरस्टार शाह रुख खान देश की मदद कभी नहीं करता. ये दूसरा दावा भी एकदम फर्जी है. शाह रुख एक ऐसे अभिनेता हैं जो पूरी दुनिया में फेमस हैं. कई देश के लोगों के लिए के भारत की पहचान शाह रुख के नाम से ही है. वो जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते है, लेकिन कभी इस बात का जिक्र नहीं करते हैं. शाह रुख इकलौते भारतीय हैं, जिन्हें चैरिटी के लिए UNESCO ने भी सम्मानित किया है. शाह रुख का मानना है कि चैरिटी किसी वजह से नहीं बल्कि खुशी से की जाती है, इसीलिए वो अपने किए हुए दान का कभी जिक्र नहीं करते हैं.

शाह रुख नहीं करते अपनी चैरिटी का जिक्र
इस वक्त देश में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 जवानों के परिवारों की हर कोई आर्थिक मदद कर रहा है. इनमें अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं. दुनिया को इसके बारे में पता है क्योंकि इन अभिनेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इस बारे में बताया. इस माहौल में शाह रुख ने इस तरह का कोई भी बयान नहीं दिया है, इसलिए लोगों को लग रहा है कि वो मदद नहीं कर रहे हैं. लेकिन हम पहले ही बता चुके हैं कि शाह रुख अपनी चैरिटी का जिक्र किसी से नहीं करते है.

हमेशा देश की मदद को तैयार रहते हैं शाह रुख
साल 2018 में केरल में आई बाढ़ के लिए 12 लाख रुपये, 2015 में चेन्नई में आई बाढ़ के लिए 25 करोड़ रुपये, सुनामी से हए नुकसान के लिए 25 लाख रुपये, मुंबई और कोलकाता में कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए 15 करोड़ रुपये, साल 2013 में उत्तराखंड त्रासदी में 33 लाख रुपये और इसी तरह से कई बार शाह रुख ने जरूरतमंदों की मदद की है, वो भी बिना जिक्र किए. उनके चैरिटी की ये बातें कभी-भी शाह रुख ने खुद से नहीं बताई. ये बातें तब पता चलीं जब शाह रुख को साल 2012 में UNESCO ने सम्मानित किया. और शाह रुख की चैरिटी की कुछ बातें तब पता चली जब उनके खिलाफ फैलाए जा रहे प्रोपागैंडा की पड़ताल की गई.

अराजक तत्वों की ओर से शाह रुख के खिलाफ फैलाए जा रहे ताजा फेक न्यूज का उनके फैंस ने मुंहतोड़ जवाब दिया है. उनके फैन्स ने ट्विटर पर #StopFakeNewsAgainstSRK नाम से एक हैशटैग चलाया है. ये हैशटैग ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है और इससे लगातार ट्वीट किए जा रहे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published.