नरेंद्र मोदी बने देश के 15वें प्रधानमंत्री, दूसरे कार्यकाल के लिए 36 मंत्रियों ने ली शपथ, 20 को पहली बार मिला मौका

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नई दिल्ली: नरेंद्र दामोदर दास ने गुरुवार को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. पीएम मोदी अपने पहले कार्यकाल को चलाने में पूरी तरह सफल रहे. राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथग्रहण समारोह में तकरीबन 8000 मेहमानों ने शिरकत की. राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमण और प्रकाश जावड़ेकर उन 36 मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने मोदी कैबिनेट में दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली. इसके अलावा 20 सांसदों ने पहली बार कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली.

पहली बार सरकार में शामिल हुए अमित शाह
अमित शाह को पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने को बीजेपी की प्रमुख रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. मोदी के करीबी माने जाने वाले पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने को चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है.

देश सेवा में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने को तत्पर हूं: शाह
बीजेपी अध्यक्ष और अब कैबिनेट मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह देश सेवा में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन पर भरोसा रखने के लिए धन्यवाद दिया.

कुल 58 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ
मोदी सरकार में कुल 58 में से 24 कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली, नौ ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 24 अन्य ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली. पिछली नरेन्द्र मोदी सरकार में गृह मंत्री रहे राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के बाद शपथ ली.

रामविलास पासवान, डी वी सदानंद गौड़ा, नरेन्द्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, हरसिमरत कौर बादल, थावरचंद गहलोत, हर्षवर्धन, पीयूष गोयल, धर्मेन्द्र प्रधान और मुख्तार अब्बास नकवी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें दूसरी बार मंत्रिमंडल में शामिल होने का मौका मिला है.

गिरिराज सिंह, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, अश्विनी कुमार चौबे, साध्वी निरंजन ज्योति, गजेन्द्र सिंह शेखावत, संतोष कुमार गंगवार, श्रीपद येसो नायक, जितेन्द्र सिंह, किरेन रिजिजू, मनसुख मंडाविया, अर्जुन राम मेघवाल, कृष्णपाल गुर्जर, संजीव कुमार बालियान, पुरुषोत्तम रुपाला, रामदास अठावले और बाबुल सुप्रियो को नई मंत्रिपरिषद में बरकरार रखा गया है.

हार के बावजूद मंत्रिमंडल में शामिल हुए हरदीप पुरी
हरदीप पुरी को मोदी के मंत्रिपरिषद में लोकसभा चुनाव में उनकी हार के बावजूद शामिल किया गया है. पिछली मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास, पर्यावरण, सूचना एवं प्रसारण मंत्री और संसदीय मामलों का प्रभार संभालने वाले प्रकाश जावड़ेकर ने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली.

उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नई सरकार के मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा संख्या में उत्तर प्रदेश के नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. मंत्रिमंडल में इस राज्य से 10 सांसदों को शामिल किया गया है. इन 10 नेताओं में से वाराणसी के सांसद मोदी भी शामिल हैं. इसके बाद महाराष्ट्र के सात और बिहार के छह प्रतिनिधियों को नए मंत्रिमंडल में जगह मिली है.

कर्नाटक के चार चेहरे शामिल
नई मोदी सरकार में गुजरात, राजस्थान और हरियाणा से तीन-तीन प्रतिनिधियों को मंत्री बनाया गया है. वहीं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश में दो-दो प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है. कर्नाटक से चार चेहरों को शामिल किया गया है.

नई मंत्रिपरिषद में लगभग सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं. हालांकि इसमें आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा के किसी भी प्रतिनिधि को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है.

मंत्रिमंडल में स्मृति ईरानी सबसे युवा मंत्री
अमेठी से नवनिर्वाचित सांसद 43 वर्षीय स्मृति ईरानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नई मंत्रिपरिषद में सबसे कम उम्र की मंत्री हैं. नए मंत्रिमंडल की औसत आयु 60 साल है जबकि मोदी सरकार के पिछले मंत्रिमंडल की औसत आयु 62 साल थी. इससे कहा जा सकता है कि नई सरकार अपेक्षाकृत युवा है.

रामविलास पासवान सबसे बुजुर्ग मंत्री
अनुराग सिंह ठाकुर 44 वर्ष, मनसुख मंडाविया और संजीव कुमार बालियान 46 साल के हैं और 47 साल के किरेन रिजिजू सबसे कम उम्र मंत्रियों में शामिल हैं. लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान 73 साल की आयु वाले सबसे बुजुर्ग मंत्री हैं. तकरीबन यही आयु थावर चंद गहलोत की है और संतोष कुमार गंगवार 71 साल के हैं.

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